First Aid Box प्राथमिक उपचार के बारे में सभी जानकरी पढ़े

First aid box me kya kya saman hota hai प्राथमिक उपचार के बारे में जानेंगे। प्राथमिक उपचार की परिभाषा :- प्राथमिक उपचार (First Aid) किसी घायल या अचानक बीमार हुए व्यक्ति को अस्थाई एंव तुरंत दी गई उपचार सहायता है। जिसमे नियमित चिकित्सा देने से पहले वहाँ उस Time उपलब्ध सामग्री का Use किया जाता है।

First Aid Box

First Aid Box के उद्देश्य

  1. जीवन की रक्षा करना।
  2. अधिक क्षति से बचाना तथा स्थिति बिगड़ने से रोकना।
  3. जहाँ तक संभव हो सके, पीड़ित की क्षमता बनाये रखने के लिए उसे ज़्यादा से ज़्यादा आरामदेह स्थिति में लाना।
  4. घायल व्यक्ति को जल्दी से जल्दी विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं के अंतगर्त लाना।

First Aid के सिद्धांत 

  1. श्वसन चालू रखना
  2. रक्त निंयत्रण
  3. संदमा का उपचार बेहोश की देखभाल
  4. अस्थि भंग
  5. जलना
  6. कई चोंटे
  7. परिवहन

First Aid Symbols And Signs In Hindi

  • ये संकेत वर्तमान कानून की आवश्यकताओं के अनुरूप हैं और विभिन्न क्षेत्रों के अनुरूप हैं।
  • सभी प्रतीक, जहां लागू हो, आईएसओ(ISO) 7010 के अनुरूप है।
  • प्रतीकों का उपयोग केवल उन स्थानों पर करें जहाँ कई भाषाएँ बोली जाती हैं।

First Aid Symbols And Signs In Hindi

Importance of First Aid Box In Hindi 

फर्स्ट ऐड की पूरी जानकारी,किसी प्रशिक्षित विशेषज्ञ के पहुंचने से पहले चोट लगने वाले या अचानक बीमार पड़ने वाले व्यक्ति को तत्काल दिए जाने वाले उपचार को प्राथमिक उपचार कहते हैं। प्राथमिक उपचार का उद्देश्य उपलब्ध साधनों से रोगी की प्राण रक्षा, स्वास्थ्य लाभ में मदद करना, बिगड़ती स्थिति रोकना और बाद में होने वाली जटिलताओं को कम करना है।

प्राथमिक चिकित्सा के तीन उद्देश्य :- पहला जीवन संरक्षण :- प्राथमिक उपचार का मुख्य उद्देश्य है मरीज/ बीमार व्यक्ति के जीवन की रक्षा करना। दूसरा स्थिति को ज्यादा खराब होने से बचाना:- इसके लिए बहारी और आंतरिक स्थिति को नियंत्रण में रखना आवश्यक है।

 इसलिए बहारी तौर पर मरीज/घायल को उसके कष्ट पीड़ा के कारण से दूर ले जाया जाए और आंतरिक तौर पर उसकी शारीरिक और मानसिक अवस्था को बिगड़ने से बचाया जाए। तीसरा रोग मुक्त होने में सहायता करना:- रोगी को दवाई और मरहम पट्टी कर दे कर उसे निरोगी और पूर्णत: स्वस्थ करना प्राथमिक शिक्षा का तीसरा मुख्य उद्देश्य है।

प्राथमिक चिकित्सा की ABC :- प्राथमिक उपचार शुरू करने पर सबसे पहले मरीज की जांच के लिए तीन चीजों को अहमियत दी जाती है।  जिसे संक्षेप में प्राथमिक चिकित्सा की ABC के नाम से जाना जाता है। ये है

A-Airway :- वायु मार्ग प्राथमिक चिकित्सा के प्रथम उद्देश्य अथार्त जीवन की रक्षा से संबंधित है। किसी के प्राणों को बचाने के लिए यह निश्चित करना जरूरी होता है कि उसके वायु मार्ग में कोई अवरोध ना हो।

B-Breathing:- वायु मार्ग जाँचने के बाद यह देखना चाहिए।  कि मरीज सचेत अवस्था में हो और उसे सांस लेने में कोई तकलीफ ना हो।

C-Circulation:- अंत में यह देखा जाता है कि मरीज में खून का प्रवाह हो रहा है।  या नहीं, जिसके लिए उसकी नाडी का निरीक्षण किया जाता है।

ABC कि जांच के बाद 3 B’S Breathing, Bleeding, Bones पर ध्यान दिया जाता है। और फिर स्थिति के अनुसार उपचार किया जाता है।

प्राथमिक उपचारक एक आम आदमी हो सकता है जो अपने बेहतर कौशल के अनुसार प्राथमिक चिकित्सा के मानक उपायों को लागू करना सीख सकता है। उसे रोगी के पास पहुँचने, समस्या को पहचानने तथा आपात स्थिति में प्राथिमक उपचार उपलब्ध कराने में प्रशिक्षित होना चाहिए। और जब आवश्यक हो तो रोगी को और आगे क्षति पहुँचाये बिना अपेक्षित जगह पर ले जा सके।

Safety And First Aid For Kids In Hindi

बच्चों को सुरक्षा के बारे में सिखाना पहली बार की शुरू होता है जब हम उन्हें “नहीं” बताते हैं क्योंकि वे गर्म स्टोव के पास पहुंच रहे हैं। वहां रुकने का कोई कारण नहीं है। बच्चों में सीखने की एक अविश्वसनीय क्षमता होती है, इसलिए उन्हें सिखाएं कि कैसे सुरक्षित रहें और आपात स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया करें।

1. 911 पर कॉल करना :- जैसे ही बच्चे संख्याओं को पहचान सकते हैं, वे 911 पर कॉल करना सीख सकते हैं। उन्हें यह सिखाना महत्वपूर्ण है कि 911 एक खिलौना नहीं है। अन्यथा, आप खुद को एक पुलिस अधिकारी से बात कर सकते हैं कि क्यों जूनियर चिल्ला रहा था, “मेरे घर में आग लगी है!” डिस्पैचर पर। और अगर बच्चे सेल फोन ले रहे हैं, तो उन्हें यह जानना होगा कि सेल फोन के साथ कॉलिंग होम फोन से अलग कैसे है।

2. रक्तस्राव नियंत्रण :- रक्तस्राव घाव पर दबाव आमतौर पर रक्त के प्रवाह को रोकने के लिए पर्याप्त होता है। बच्चों को एक कट पर सीधे दबाव डालने के लिए बहुत पहले सिखाया जा सकता है। आप नहीं चाहते हैं कि जिमी अपने बच्चे की बहन के गले में उसके जूते लपेटें, इसलिए उसे बताएं कि वह टूरिकेट नहीं करें।

3. Stop, Drop, and Roll :- अगर बच्चे अपने कपड़ों को आग पर पकड़ लेते हैं, तो उन्हें तुरंत बाहर निकालने की जरूरत है। उन्हें रोकना, छोड़ना और रोल करना सिखाएं। यदि सड़क पर, यह कुछ ऐसा है जो कंक्रीट की तुलना में घास पर बेहतर काम करता है। यदि घर के अंदर, एक कालीन की तुलना में एक कठिन सतह पर ऐसा करना बेहतर है, जहां घर को आग लगाने का जोखिम अधिक है। बच्चों को अभ्यास करवाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर वे स्वचालित रूप से ऐसा करेंगे।

4. फायर गेम प्लान :- जब सुबह 3 बजे धुआं अलार्म शुरू होता है, तो आपके पास वास्तव में एक योजना होनी चाहिए। यह पर्याप्त नहीं है कि बच्चे जागें- उन्हें पता होना चाहिए कि उन्हें कहाँ जाना है। यदि उनके कमरे में आग से बचने के सीढ़ी हैं, तो क्या वे जानते हैं कि सीढ़ी को कैसे तैनात किया जाए? क्या आप सड़क के किनारे पर मिलने की योजना बनाते हैं? क्या होगा अगर बच्चे घर के पीछे से बाहर निकलते हैं और आप सबसे आगे निकलते हैं? इन सभी मुद्दों पर पहले से निर्णय लेने की आवश्यकता है।

5. जब उन्हें सिखाना सीपीआर (CPR) :- क्या बच्चे सीपीआर कर सकते हैं? इसका जवाब हर बच्चे के लिए अलग होता है। कोई सवाल नहीं है कि बच्चे सीपीआर सीख सकते हैं, और कोई सवाल नहीं है कि सच्ची हृदय की गिरफ्तारी में, कुछ भी करना निश्चित मौत नहीं है। यदि आप बच्चों को सीपीआर सिखाने जा रहे हैं, तो एक-दूसरे पर अभ्यास नहीं करना बहुत महत्वपूर्ण है। केवल पुतलों पर अभ्यास करें, क्योंकि वास्तविक चेस्ट पर जोर देने से गंभीर चोट लग सकती है।

6. जल सुरक्षा :- लाइफ जैकेट रखें और सुनिश्चित करें कि बच्चे अकेले न तैरें। चीर धाराओं के लिए बच्चों को देखना सिखाएं; यदि एक में फंस गया है, तो उन्हें बाहर निकलने के लिए किनारे के समानांतर तैरना चाहिए। एक पूल है? यदि हां, तो इसके चारों ओर एक बाड़ या उस पर एक सुरक्षा कवर होना चाहिए।

7. डॉग बाइट से बचें :- फिदो जूनियर को काटने के लिए नहीं जानता हो सकता है, लेकिन क्या वह सैली को पड़ोसी के बच्चे को काटने के लिए नहीं जानता है? क्या सैली का कुत्ता आपके बच्चे को नहीं जानता है? इससे भी बदतर, क्या जूनियर या सैली को पता है कि जब कुत्ते पार्क से भटक रहे हैं तो क्या करना है? कुत्ते बच्चों को काटते हैं – बहुत कुछ। कुत्ते गर्मियों में बच्चों को अधिक काटते हैं, शायद इसलिए कि बच्चे स्कूल से बाहर हैं और कुत्ते गर्म और कर्कश हैं। जब कुत्तों से संपर्क करें तो क्या करें।

8. जहर से बचें :- बच्चों को अलमारियाँ से बाहर रखें और घर के सफाई कर्मियों को अंदर रखें। जहरीले पदार्थों  को ऊंचा और कुंडीदार या बंद होना चाहिए। जब जूनियर बाथरूम को साफ करना सीखता है, तो तनाव करें कि ब्लीच और अमोनिया को मिलाना कितना महत्वपूर्ण है। फोन के बगल में ज़हर नियंत्रण के लिए नंबर लिखें।

प्राथमिक सहायता देने की योग्यताएं

  1. एक अच्छा अवलोकनकर्ता होना चाहिए। 
  2. तुरंत कार्यवाही करने में सक्षम होना चाहिए। 
  3. हड़बड़ हाट या अतिउत्तेजना में न आए। 
  4. भीड़ को सभांलने व नेतृत्व की क्षमता होनी चाहिए ताकि पास खड़े देखने वालो से सहायता ले सके। 
  5. आत्मविश्वास पूर्ण हो तथा प्राथमिक उपचार के दौरान क्षति को समझने की योग्यताएं होनी चाहिए। 
  6. आशंकित या घबराएं हुए घायल व्यक्ति को भरोसा दिलाने वाला तथा उसके उत्तेजित या निराश सबंधियों के बीच अपनी योग्यता एंव सहानुभूति दिखाकर बेहतर परमार्श एंव संतुष्टि दिलाने वाला होना चाहिए। 

जम्मेदारिया :-

  • रोगी के पास सरलता एंव सुरक्षित तरीके से पहुँच का लाभ उठाना। 
  • दुर्घटना के दर्शियों का अवलोकन करना तथा स्थिति का मूल्यकांन करना। 
  • यदि आवश्यक हो तो दूसरों को तथा यातायात को दूसरी और मोड़ने का निर्देश दे और नज़ारा देखने वालो को पर्याप्त दुरी पर खड़ा होने को कहें। ज़रूरी टेलीफ़ोन करें। यदि वाहन का इंजन चालू है तो उन्हें बंद करें। 

 

  • यह पता करे की घायल बेहोश है या होश में है, वह जीवित है अथवा मृत है। 
  • स्थिति या बीमारी को पहचानना, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई है एंव घायल प्रभावित हुआ है। 
  • प्राथमिक उपचार के उपायों को प्राथमिकता देते हुए  तुरंत उचित और पर्याप्त उपचार प्रदान करें जैसे की इसमें पहली प्राथमिकता घायल की शवसन प्रिक्रिया चालू करना तथा रक्त संचार जारी रखना है जबकि दूसरी प्राथमिकता रक्त स्राव को रोकना होना चाहिए। 
  • यह सदैव ध्यान में रखें की एक दुर्घटना में घायल को एक से ज्यादा क्षतिया हो सकती है और इनमें कुछ क्षतियो पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत हो सकती है। 

 

  • घायल को बिना किसी देरी के एक  डॉकटर या अस्पताल या घर पहुंचाने की Try करें जोकि हताहत की दशा के अनुसार होगा जैसे की घायल की चोट बहुत जटिल न हो या घायल की चोट बहुत जटिल न हो या घायल व्यक्ति खुद को अनावश्यक रूप से असुविधा पूर्ण महसूस करें जो की उसकी क्षति या दशा पर निर्भर करेंगा। 
  • रोगी तथा दुर्घटना का रिकॉर्ड रखें और आपका पता तथा गवाह आदि लिख ले। 
  • एक बार जब प्राथमिक उपचार (First Aid) स्वैछिक रूप से प्रदान करता है। तब उसे घायल को तबतक नहीं छोड़ना चाहिए, जब तक कि कोई योग्य या ज़िम्मेदार व्यक्ति आ कर उसे मुक़्त न करें। 

जम्मेदारिया ख़त्म हो जाएं :-

एक प्राथमिक उपचार ( Importance of First Aid Box ) की जिम्मेदारी तब खत्म होती है। जब वह घायल को देख रेख के लिए किसी नर्स या Doctor या जिम्मेदार व्यक्ति को सौंप देता है। बाद में Doctor की Help कर सकता है। 

 प्राथमिक उपचारक के लिए चेतावनी :-

  1. प्राथमिक उपचार (First Aid) को यह बात सदैव याद रखना चाहिए की वह एक Doctor नहीं है।
  2. उसे उन घावों को खोल कर नहीं जाँचना चाहिए जिन्हें किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा पहले ही बांधा जा चूका हो।
  3. उसे किसी भी व्यक्ति मृत नहीं घोषित करना चाहिए ,यह उसका कार्यक्षेत्र नहीं है।

प्राथमिक उपचारक के कार्य क्षेत्र :-

एक दुर्घटना में,जो किसी सड़क, घर, कारखाना, भवन में घटती है। या फिर प्राकृतिक विपदा, बिजली – आघात, जलना या सर्प –  दंश से हो सकती है। ऐसी सभी दुर्घटनाएं प्राथमिक चिकित्सा के कार्य क्षेत्र में आती है।

प्राथमिक उपचारक के कौशलों का सरांश:-
  •  दुर्घटना के दृश्य को नियंत्रित करना।
  • घायल तक पहुंच बनाना।
  • सुरक्षा तथा दुर्घटना के संभावित कारणों के मद्देनजर दृश्य का मूल्यांकन करना।
  • रोगी तथा आस पास खड़े लोगों से सूचनाएं एकत्र करना।
  • महत्वपूर्ण संकेत सुनिश्चित करें- जैसे नाड़ी, साँस चलना, त्वचा ताप ।
  • नैदानिक संकेतों तथा उससे जुड़े संकेत, जैसे कि सम्भावित क्षतिया या अचानक बीमारियों/कमजोरिया जिनमें आपातकालीन उत्पन्न हो सकती है, को सुनिश्चित करें।
  • आपस्थिति की दशा में आवशयक आधोपान्त प्रक्रिया पूरी करे।
  1. वायुमार्ग को साफ करें।
  2. सांस चालू करें (यदि सांस टूट रही हो तो कृत्रिम वायु दे)
  3. रक्त नाड़ी देखें।
  4. खून का बहाव ( रक्तस्त्राव ) Control करें ( रक्तस्त्राव को सीधे हाथ से दबाकर, ऊपर उठाकर, प्रेसर Point (दाब बिन्दुयो) एंव रक्त बंध (टोर्नी क्युट्स) द्वारा Control करें।)
  •  सदमे का निदान – जाँच एंव देखभाल करें।
  •  जलने एंव धुआँ गुटकने की जाँच एंव देखभाल करें।
  • शिशु प्रसव एंव नवजात शिशु की देखभाल में Help करना।
  • उचित रूप से ले जाने ( परिवहन ) की तकनीक को उपयोग में लांए।

प्राथमिक उपचार के स्वर्णिम Rules :-

  1. पहला काम पहले, तुरंत, शांत भाव से बिना हड़बड़ी के करें। 
  2. घायल एंव उसके सबंधियो को सहानुभूतिपूर्वक भरोसा दिलाएं। 
  3. घायल को अनावश्यक रूप से इधर – उधर करने से बचें। 
  4. जहाँ तक संभव हो जल्दी से जल्दी घायल को सुरक्षित ढंग से doctor या Hospital ले जाने की व्यवस्था करें। 

प्राथमिक उपचार के लिए दवा पेटी (किट) :-

  1. तिकोनिया पट्टियां
  2. रोलर टाइप पट्टियां
  3. मरहम पट्टी/गाज पैड्स
  4. चिपकने वाली टेप
  5. बेंडेज शीट्स
  6. नेत्र आवरण या सरक्षक
  7. रक्त बंध के लिए स्टिक ( मोटी पट्टी )
  8. कंबल
  9. तकिया
  10. अपर एक्सट्रिमिटी स्प्लीन्ट ( खपच्ची ) सेट
  11. लोवर एक्सट्रिमिटी स्प्लीन्ट ( खपच्ची ) सेट

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