Harivansh Rai Bachchan Poem In Hindi – हरिवंश राय बच्चन

Harivansh Rai Bachchan Poems In Hindi – Top 10 Poems In Hindi, अब तक की हरिवंश राय बच्चन जी की टॉप कविताएँ आज की पोस्ट में पढ़ेंगे। ये Poems आपकी ज़िंदगी बदल देंगी।  

Harivansh Rai Bachchan Poem In Hindi
                                      Harivansh Rai Bachchan Poem In Hindi

Harivansh Rai Bachchan Poem – जो बीत गई सो बात गई

जीवन में एक सितारा था माना वह बेहद प्यारा था लेकिन एक दिन वह डूब गया।यदि डूब गया तो डूब गया, अंबर के आंगन को देखो कितने इसके तारे टूटे कितने इसके प्यारे छूटे जो छूट गए फ़िर कहां मिले। पर बोलो टूटे तारों पर कब अंबर शोक मनाता है जो बीत गई सो बात गई।

जीवन में था एक कुसुम जिस पर न्योछावर थे तुम लेकिन एक दिन वह सूख गया। यदि सूख गया तो सूख गया। मधुबन की छाती को देखो सूखी इसकी कितनी कलियां मुरझाई कितनी वल्लरियाँ जो मुरझाई। फिर कहां खिली पर बोलो सूखे फूलों पर कब मधुबन शोर मचाता है जो बीत गई सो बात गई।

जीवन में मधु का प्याला था तुमने तन मन दे डाला था लेकिन एक दिन वह टूट गया। यदि टूट गया तो टूट गया। मदिरालय का आंगन देखो कितने प्याले हिल जाते हैं गिर मिट्टी में मिल जाते हैं जो गिरते हैं कब उठते हैं। पर बोलो टूटे तारों पर कब मदिरालय पछताता है जो बीत गई सो बात गई।

मृदु मिट्टी के बने हुए हैं मधु घाट फूटा ही करते हैं लघु जीवन ले कर आए हैं प्याले टूटा ही करते हैं।फिर भी मदिरालय केअंदर मधु के घट हैं मधु प्याले हैं जो मादकता के मारे हैं वो मधु लूटा ही करते हैंवो कच्चा पीने वाला है जिसकी ममता घट प्यालो पर। जो सच्चे मधु से जला हुआ कब रोता है चिल्लाता है जो बीत गई सो बात गई। Jo beet gayi so Baat Gayi….

Harivansh Rai Bachchan Poem – ख्वाहिश नहीं मुझे मशहूर होने की

ख्वाहिश नहीं मुझे मशहूर होने की आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है। अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा जाना। मुझे क्योंकि जिसकी जितनी जरूरत थी उसने उतना ही पहचाना मुझे।

जिंदगी का फ़लसफ़ा भी कितना अजीब है शामें कटती नहीं और साल गुजरते चले जा रहे हैं। एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िंदगी जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ देते हैं।

मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीका, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना। ऐसा नहीं है कि मुझे कोई ऐब नहीं है पर सच कहता हूं मुझमे कोई फरेब नहीं है।

जल जाते हैं मेरे अंदाज से मेरे दुश्मन क्योंकि एक मुद्दत से मैंने ना मोहब्बत बदली और ना दोस्त बदले। एक घड़ी खरीद कर हाथ मे क्या बांध ली वक़्त पीछे ही पड़ गया मेरे।

सोचा था घर बना कर बैठूंगा सुकून से पर घर की जरूरतों ने मुसाफिर बना डाला। सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब बचपन वाला इतवार अब नहीं आता।

जीवन की भागदौड़ में क्यों वक्त के साथ रंगत खो जाती है?

हंसती खेलती जिंदगी भी आम हो जाती है। एक सवेरा था जब हंस कर उठते थे हम और आज कई बार बिना मुस्कुराए ही शाम हो जाती है।

कितने दूर निकल गए, रिश्तो को निभाते निभाते खुद को खो दिया हमने अपने को पाते पाते। लोग कहते हैं मुस्कुराते बहुत है और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते।

मालूम है कोई मोल नहीं मेरा फिर भी कुछ अनमोल लोगों से रिश्ता रखता हूं। नमन करता हूं कवि हरिवंश राय बच्चन जी को जिनकी यह कविता है।

हरिवंश राय बच्चन जी की यह कविता आपकी ज़िंदगी में 100 प्रतिशत बदलाव लाएगी। 

Harivansh Rai Bachchan Poems – लौट जाता हूं वापस घर की तरफ

लौट जाता हूं वापस घर की तरफ हर रोज़ थका हारा आज तक समझ नहीं आया कि काम करने के लिए जीता हूं। या जीने के लिए काम करता हूं

बचपन में सबका बार-बार पूछा गया सवाल बड़े होकर क्या बनना है?

जवाब अब मिला फिर से बच्चा बनना है थक गया हूं। तेरी नौकरी से ऐ जिंदगी मुनासिब होगा। मेरा हिसाब कर दे दोस्तों से बिछड़ कर हकीक़त खुली बेशक कमीने थे।

पर रौनक उन्हीं से थी भरी जेब से दुनिया की पहचान करवाई और खाली जेब से अपनों की जब लगे पैसे कमाने तो समझ आया। कि शोक तो मां बाप के पैसों से पुरे होते थे।

अपने पैसों से तो बस जरूरतें ही पूरी हो पाती हैं हंसने का दिल ना हो तो भी हंसना पड़ता है कोई जब पूछे कैसे हो ?

मजे में हूं कहना पड़ता है यह जिंदगी का ड्रामा है दोस्तों यहां हर एक को नाटक करना पड़ता है।

माचिस की ज़रूरत यहां नहीं पड़ती। यहां तो आदमी आदमी से जलता है दुनिया के साइंटिस्ट ढूंढ रहे हैं की मरीख पर जिंदगी है या नहीं पर आदमी यह नहीं ढूंढ रहा। 

कि जिंदगी में खुशी है या नहीं नींद और मौत में क्या फर्क है ?

किसी ने क्या खूबसूरत जवाब दिया है नींद आधी मौत है और मौत मुकम्मल नींद है जिंदगी तो अपने ही तरीके से चलती है औरों के सहारे तो जनाजे उठा करते हैं सुबह होती है शाम होती है उम्र यूं ही तमाम होती है।

Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi – कोई रो कर दिल बहलाता

कोई रो कर दिल बहलाता है और कोई हंस कर दर्द छुपाता है क्या करामात है कुदरत की जिंदा इंसान पानी में डूबता है और मुर्दा तैर कर दिखाता है।

बस यह कंडक्टर सी हो गई है जिंदगी सफर भी रोज का है और जाना भी कहीं नहीं , हर सवाल का जवाब मैं ढूंढता रहा और अपने कमरे में जाते ही जवाब मिल गए।

छत ने कहा ऊँची सोच रखों, पंखे ने कहा ठंडे से रहो, घड़ी ने कहा हर मिनट कीमती है शिशे ने कहा कुछ करने से पहले अपने अंदर झांक लो। खिड़की ने कहा दुनिया को देख लो, कैलेंडर ने कहा अप टू डेट रहो और दरवाज़े ने कहा अपनी मंज़िल को पाने के लिए पूरा जोर लगाओ।

लकीरे भी बड़ी अजीब होती हैं माथे पर खींच जाएं तो किस्मत बना देती है ज़मीन पर खींच जाएं तो सरहद बना देती है। खाल पर खींच जाएं तो खून ही निकाल देती है और रिश्ते पर खींच जाएं तो दीवार बना देती है।

1 रुपया एक लाख नहीं होता मगर फिर भी 1 रुपया एक लाख से निकल जाए तो वह लाख भी नहीं रहता, हम आप लाखों दोस्तों में से एक वही रुपया है संभाल के रखिएगा बाकी सब झूठ, हवस और फरेब है।

Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi – तू खुद की खोज में निकल

तू खुद की खोज में निकल तू किस लिए हताश है, तू चल, तेरे वजूद की समय को भी तलाश है। जो तुझसे लिपटी बेड़ियां समझ ना इनको वस्त्र तू ये बेडीयां पिघला के बना ले इनको शस्त्र तू।

तू खुद की खोज में निकल तू किस लिए हताश है, तू चल, तेरे वजूद की समय को भी तलाश है। चरित्र जब पवित्र है,

तो क्यों है ये दशा तेरी ?

ये पापियों को हक नहीं कि ले परीक्षा तेरी

तू खुद की खोज में निकल तू किस लिए हताश है, तू चल, तेरे वजूद की समय को भी तलाश है जला के भष्म कर उसे जो क्रूरता का जाल है, तू आरती की लौ नही तु क्रोध की मशाल है।

तू खुद की खोज में निकल तू किस लिए हताश है, तू चल, तेरे वजूद की समय को भी तलाश है चुनर उड़ा के ध्वज बना गगन भी कम्पकपाएगा, अगर तेरी चुनर गिरी तो एक भूकंप आएगा।

तू खुद की खोज में निकल तू किस लिए हताश है, तू चल, तेरे वजूद की समय को भी तलाश है।

Harivansh Rai Bachchan – हरिवंश राय बच्चन की दिल को छू लेने वाली पंक्तिया 

1. हारना तब आवश्यक हो जाता है जब लड़ाई अपनों से हो, और जितना तब आवश्यक हो जाता है जब लड़ाई अपने- आप से हो।।

2. मंजिल मिले यह तो मुकद्दर की बात है, हम कोशिश भी ना करें यह तो गलत बात है।।

3. किसी ने बर्फ से पूछा कि आप इतने ठंडे क्यों हो ? बर्फ ने बड़ा अच्छा जवाब दिया मेरा अतीत भी पानी, मेरा भविष्य भी पानी, फिर मैं गर्मी किस बात की रखूं।।

4. गिरना भी अच्छा है दोस्तों औकात का पता चलता है बढ़ते हैं जब हाथ उठाने को तो अपनों का पता चलता है।।

5. सीख रहा हूं अब मैं भी इंसानों को पढ़ने का हुनर सुना है चेहरे पर किताबों से ज्यादा लिखा होता है।।

6. रब ने नवाजा हमें जिंदगी देकर, हम शोहरत मांगते रह गए, जिंदगी गुजार दी, शौहरत के पीछे फिर जीने की मोहलत मांगते रह गए।

7. ये कफन, यह जनाजे, ये कब्र, सिर्फ बातें हैं मेरे दोस्त वरना मर तो इंसान तभी जाता है जब याद करने वाला कोई न हो।।

8. यह समंदर भी तेरी तरह खुदगर्ज निकला, जिंदा थे तो तैरने न दिया और मर गए तो डूबने न दिया।।

9. क्या बात करें इस दुनिया की हर शख्स के अपने अफसाने हैं जो सामने है उसे लोग बुरा कहते हैं और जिसको कभी देखा नहीं उसे सभी खुदा कहते हैं।।

10. आज मुलाकात हुई जाती हुई उम्र से मैंने कहा जरा ठहरो तो, वो हंसकर इठलाते हुए बोली, मैं उम्र हूं ठहरती नहीं, पाना चाहते हो मुझको, तो मेरी हर कदम के संग चलो।मैंने भी मुस्कुराते हुए कह दिया कैसे चलूंगा, बनकर तेरा हमकदम तेरे संग चलने पर छोड़ना होगा। मुझको मेरा बचपन, मेरी नादानी, मेरा लड़कपन.. तू ही बता दे कैसे समझदारी की दुनिया बना लूं। जहां नफरतें, दूरियां, शिकायतें और अकेलापन है।।

11. मैं तो दुनिया ए चमन में बस एक मुसाफिर हूं गुजरते वक्त के साथ एक दिन यूं ही गुजर जाऊँगा। करके कुछ आंखों को नम, कुछ दिलों में यादें बन कर बस जाऊंगा।।

ये भी पढ़े


  1. Garib Majdoor Ki Kahani – गरीब मज़दूर की कहानी
  2. Akbar Birbal Stories In Hindi – अकबर बीरबल की हिन्दी कहानियाँ
  3. एक फलवाले का विश्वास और माँ की सेवा के प्रति सच्चा – maa ki mamta ki kahani
  4. Maa in hindi – Quotes on maa in hindi – माँ की ममता कहानी
  5. Maa Beti Ki Kahani Hindi Story – बेटी का माँ के प्रति प्यार
  6. Moral Stories In Hindi – top 10 moral stories in hindi मोरल स्टोरीज़ चैंजिंग LIFE
  7. Chitrakar Ki Kahani – Chitrakar Ki Story चित्रकार की कहानी सफ़लता मिली जिद्द से


दोस्तों आपको Harivansh Rai Bachchan Poem In Hindi – हरिवंश राय बच्चन ये पोस्ट कैसी लगी। हमें comment करके अपने विचार दे। हमें बहुत ख़ुशी होगी।

इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ Share ज़रूर करें। आपके पास कोई लेख है तो आप हमें Send कर सकते है।

हमारी id: radarhindi.net@gmail.com, हमें facebook page पर फॉलो कर ले। ताकि आप को समय समय पर Update मिलता रहे।

Leave a Comment