Jainendra Kumar Biography In Hindi | जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय

Jainendra Kumar Biography In Hindi Bhasha Shaili जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय श्री जैनेंद्र कुमार जी के बारे में पूरी जानकारी आज की पोस्ट में हम आपको देंगे। 

Jainendra Kumar Biography In Hindi

Jainendra Kumar Biography In Hindi – जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय

श्री जैनेंद्र कुमार सुप्रसिद्ध कथाकार थे किंतु उन्होंने उच्च कोटि का निबंध साहित्य लिखा उनका जन्म सन 1905 को अलीगढ़ जिले के कोडीयागंज नामक गांव में हुआ उनकी आरंभिक शिक्षा हस्तिनापुर जिला मेरठ में हुई। उन्होंने 1919 ई० में पंजाब विश्वविद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा पास की तत्पश्चात उन्होंने काशी विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश लिया। 

किंतु गांधी जी के पावन पढ़ाई छोड़ कर वह असहयोगआंदोलन में शामिल हो गए। गांधी जी के जीवन दर्शन का प्रभाव उनकी रचनाओं में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है जैनेन्द्र जी के कथा साहित्य के साथ साथ उच्चकोटि के निबन्धों की रचना भी की।

सन 1970 में उनकी महान साहित्यिक सेवाओ के कारण भारत सरकार ने उन्हें “पद्मभूषण” से समानित किय। दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी सन1973 में इन्हें डी० लिट् की मानद उपाधि से विभूषित किया। जैनेन्द्र कुमार को “साहित्य अकादेमी” तथा “भारत – भारती” पुरस्कारों से भी समानित किया गया। सन 1990 में उनक़्क़ देहांत हो गया।

Jainendra Kumar Biography In Hindi – जैनेंद्र कुमार जी की प्रमुख रचनाए

श्री जैनेन्द्र प्रसाद की प्रमुख रचनाए निम्नलिखित है –

(1) उपन्यास :- “परख” (1929), “सुनीता” (1935), “कल्याणी” (1939), “त्यागपत्र” (1937), “विवर्त” (1953), “सुखदा” (1953), “व्यतीत” (1953), “जयवर्धन” (1953), “मुक्तिबोध”।

(2) कहानी संग्रह :- “फांसी” (1929), “वातायन” (1930), “नीलम देश की राजकन्या” (1933), “एक रात” (1934), “दो चिड़िया” (1935), “पाजेब” (1942), “जयसंधि” (1929)।

(3) निबंध संग्रह :- “प्रस्तुत प्रशन” (1936), “जड़ की बात” (1945), “पूर्वोदय” (1951), “साहित्य का श्रेय और प्रेय” (1953), “मंथन” (1953), “सोच विचार” (1953), “काम,प्रेम और परिवार” (1953), “ये और वे” (1954), “साहित्य चयन” (1951), “विचार वल्लरी” (1952)।

जैनेन्द्र कुमार ने प्रायः विचार प्रधान निबंध ही लिखे है उनके  निबंधों में लेखक एक गंभीर चिंतक के रूप में हमारे सामने आता है यह विषय साहित्य समाज राजनीति संस्कृति धर्म तथा दर्शन से संबंधित हैं भले ही हिंदी साहित्य में वे एक मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार तथा कहानीकार के रूप में प्रसिद्ध हैं।

परंतु निबंध लेखक के रूप में उन्हें विशेष प्रसिद्धि प्राप्त हुई है वस्तुत उनके निबंधों में विचारीक गहनता के गुण देखे जा सकते हैं एक गंभीर चिंतक होने के कारण वे अपने प्रत्येक निबंध के विषय में सभी पहलुओं पर समुचित प्रकाश डालते हैं इसके लिए हम उनके निबंध बाजार दर्शन को ले सकते हैं।

जिसमें उपभोक्तावाद तथा बाजारवाद पर व्यापक चर्चा देखी जा सकती है भले ही यह निबंध कुछ दशक पहले लिखा गया हो परंतु आज भी इसकी उपयोगिता संदिग्ध है। इसमें लेखक यह स्पष्ट करता है कि यदि हम अपनी आवश्यकताओं को ठीक-ठीक समझ कर बाजार का उपयोग करेंगे तो निश्चय ही हम उसे लाभ उठा सकेंगे।

परंतु यदि हम खाली मन के साथ बाजार में जाएंगे। तो उसकी चमक दमक में फंसकर अनावश्यक वस्तुएं खरीद कर लाएंगे जो आगे चलकर हमारी शांति को भंग करेगी।

वह प्रत्येक निबंध में अपने दार्शनिक अंदाज में अपनी बात को समझाने का प्रयास करते हैं परंतु फिर भी कहीं कहीं उनके विचार स्पष्ट और दुरूह बन जाते हैं। जिसके फलस्वरूप पाठक का साधारणीकरण नहीं हो पाता।

Jainendra Kumar Ki Bhasha Shaili  – जैनेंद्र कुमार की भाषा शैली

यद्यपि कथा साहित्य में जैनेन्द्र कुमार ने सहज सरल तथा स्वाभाविक हिंदी भाषा का प्रयोग किया है परंतु निबंधों में उनकी भाषा दुरूह एवं अस्पष्ट बन जाती है फिर भी वह संबिधनात्मक तथा वार्तालाप शैलियों का प्रयोग करते समय अपनी बात को सहजता तथा सरलता से करने में सफल हुए हैं यद्यपि वह भाषा में प्रयुक्त वाक्यों के संबंध में व्याकरण के नियमों का पालन नहीं करते।

फिर भी उनके द्वारा प्रयुक्त वाक्यों की अशुद्धि कहीं नहीं खटकती उनकी भाषा में रोचकता आदि से अंत तक बनी रहती है वह अपने भाषा में प्रचलित शब्दों का ही प्रयोग करते हैं यत्र तत्र व अंग्रेजी उर्दू तथा देशज शब्दों का मिश्रण कर लेते हैं श्री ताराशंकर के शब्दों में “जिनेंद्र की सबसे बड़ी विशेषता इन की रचना का चमत्कार,कहने का ढंग से ली है।”

उनकी भाषा के वाक्य प्राय छोटे-छोटे,चलते,परंतु साधनों फूल बिखरते चलते हैं वे पारे की तरह ढुलमुल करते रहते हैं जैनेन्द्र को न तो उर्दू से घृणा है, न अंग्रेजी से परहेज है और ना ही संस्कृत से दुराव है इसलिए उनकी भाषा सहज, सरल तथा परवाहमयी है।

“एक उदाहरण देखिए-

“यहां मुझे ज्ञात है कि बाजार को सारक्तकता भी वही मनुष्य देता है जो जनता है। 

कि वह क्या चाहता है और जो नही जानते कि वे क्या चाहते है , अपनी ‘पर्चेजिंग पावर ‘ के गर्व में अपने पैसे से केवल एक विनाशक शैतानी शक्त्ति , व्यंग्य की शक्ति ही बाजार को देते है न तो वे बाजार से लाभ उठा सकते है, न तो उस बाजार को सचा लाभ दे सकते है ।”

ये भी पढ़े


  1. Umashankar Joshi Biography In Hindi – उमाशंकर जोशी का जीवन परिचय
  2. Razia Sajjad Zaheer Biography in Hindi – रजिया सज्जाद जहीर का जीवन परिचय 
  3. Rahul Sankrityayan Biography in hindi – राहुल सांकृत्यायन का जीवन परिचय
  4. Alok Dhanwa Biography in hindi – अलोक धन्वा का जीवन परिचय
  5. Jabir Hussain Biography In Hindi – जाबिर हुसैन का जीवन परिचय
  6. Suryakant Tripathi Nirala In Hindi | सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
  7. Shamsher Bahadur Singh Biography In Hindi | शमशेर बहादुर सिंह का जीवन परिचय
  8. Shyamacharan Dubey – Shyama Charan Dubey Biography in Hindi
  9. B R Ambedkar Short Biography – डॉ. अंबेडकर जीवन परिचय
  10. krishna Sobti in Hindi – Krishna Sobti Biography in Hindi
  11. Premchand Ka Jivan Parichay – मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय
  12. Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय
  13. Phanishwar Nath Renu – फणीश्वर नाथ रेणु जीवन परिचय
  14. Rabindranath Tagore in hindi रबिन्द्रनाथ टैगोर का जीवन परिचय
  15. Harivansh Rai Bachchan हरिवंश राय बच्चन जी का जीवन परिचय
  16. Rahim Das Biography in hindi रहीम दास जी का जीवन परिचय
  17. Tulsidas Biography In Hindi गोस्वामी तुलसीदास का जीवन परिचय
  18. महान बिल गेट्स की जीवनी Bill Gats Biography In Hindi
  19. Mahatma gandhi biography in hindi महात्मा गाँधी की जीवनी
  20. Firaq Gorakhpuri Biography In Hindi – फिराक गोरखपुरी
  21. Dharmveer Bharti Biography In Hindi – धर्मवीर भारती का जीवन परिचय
  22. Gajanan Madhav Muktibodh Biography In Hindi – गजानन माधव मुक्तिबोध
  23. Raghuvir Sahay Biography In Hindi – रघुवीर सहाय का जीवन परिचय
  24. Sidharth Shukla Biography – Sidharth Shukla Wife – सिद्धार्थ शुक्ला जी के बारे में पूरी जानकारी

दोस्तों आपको Jainendra Kumar Biography In Hindi – जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय ये पोस्ट कैसी लगी। हमें comment करके अपने विचार दे। हमें बहुत ख़ुशी होगी। इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ Share ज़रूर करें। आपके पास कोई लेख है तो आप हमें Send कर सकते है।

हमारी id:radarhindi.net@gmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे। हमें facebook page पर फॉलो कर ले और Right Side में जो Bell Show हो रही है उसे Subscribe कर लेताकि आप को समय समय पर Update मिलता रहे।

Thanks For Reading

Leave a Comment