एक फलवाले का विश्वास और माँ की सेवा के प्रति सच्चा – maa ki mamta ki kahani

maa ki mamta ki kahani – maa ki mamta essay in hindi एक फलवाले का विश्वास और माँ की सेवा के प्रति सच्चा भाव कुछ समय पहले की बात है। दोस्तों ये कहानी बहुत ही अच्छी है आप इस कहानी को ध्यानपूर्वक पढ़े। 

maa ki mamta ki kahani

maa ki mamta  – माँ की कहानी 

एक बार एक व्यक्ति बाज़ार में फल लेने के लिए गया। जैसे ही वह फल के ठेले पर गया तो उसने फल के ठेले पर कोई नहीं दिखा। उस फल के ठेले पर एक बोर्ड लगा हुआ था जिस पर लिखा था, “मेरी माँ बूढ़ी है और वह बीमार भी रहती है, उनका मेरे सिवाए कोई नहीं है, इसलिए मुझे थोड़ी – थोड़ी देर में उन्हें दवा देने जाना पड़ता है अगर आपको जल्दी है तो आप अपने हाथों से फल तौल लीजिए और पैसे गल्ले में रख दीजिए।

maa ki mamta ki kahani – इसके बाद फलों की रेट लिस्ट लिखी हुई थी।

थोड़ी देर इंतेजार करने के बाद जब कोई नहीं आया। तो उस व्यक्ति ने 1 kg सेब, 1 दर्जन केले लिए और रेट लिस्ट (Rate List) के हिसाब से पैसे गल्ले में रख दिए। और वह घर आ गया। शाम को जब वो व्यक्ति घूमने  निकला तो उसने देखा। कि एक कमजोर-सा (Weakish) दिखने वाला आदमी फलों का वही ठेला लेकर जा रहा है।

व्यक्ति से रहा नहीं गया और उसने फल वाले से पूछा कि – “क्या तुम रोज इसी तरह अपना ठेला (Jog) छोड़कर मां को दवा देने जाते हो। क्या तुम्हें चोरी होने का कोई डर नहीं है?”

फल वाला हल्के से मुस्कुराया और बोला, “मेरी मां पिछले कई महीनों से बीमार है। और मेरे परिवार में दूसरा कोई नहीं है जो मां की देखभाल कर सके इसलिए मुझे हर वक़्त उन्ही के पास रहना पड़ता है। मैं रोज फल का ठेला इसी जगह लाकर खड़ा कर देता हूं।



और उसके ऊपर बोर्ड लगाकर चला जाता हूं। शाम को आकर ठेला ले जाता हूं। आज तक न फल कम हुए और न ही कभी पैसों की चोरी हुई। उल्टा कुछ पैसे ज्यादा ही मिलते हैं। गल्ले में। कभी कोई मां के लिए खाना रख जाता है तो कोई कुछ और। कल एक बच्ची पुलाव बना कर रख गई थी, साथ मे एक पर्ची भी थी, उसमें लिखा था- अम्मा के लिए।

कुछ दिनों पहले एक डॉक्टर अपना कार्ड छोड़ गए थे, उसके पीछे लिखा था अम्मा की तबीयत नाजुक हो तो मुझे फोन लगाना, मैं आ जाऊंगा।“ इस तरह रोज मेरी अच्छी आमदनी हो जाती है और मां की सेवा भी कर लेता हूँ।“

इतना कहकर फल वाला अपने घर चला गया। दोस्तों, माता-पिता की सेवा करना हर इंसान का कर्तव्य है। लेकिन कई बार जीवन की मुश्किलें ऐसा करने से रोकती जरूर है या ऐसे हालात पैदा हो जाते है। की हम मज़बूर हो जाते हैं। लेकिन अगर मन में माता-पिता के लिए सच्चा सम्मान है। 

अगर आप अपने माता-पिता की सेवा करना चाहते हैं तो रास्ता जरूर निकल जाता है और भगवान भी ऐसे लोगों का साथ देता है और नए रास्ते दिखाता है।

ये भी पढ़े 


  1. Moral Stories In Hindi – top 10 moral stories in hindi मोरल स्टोरीज़ चैंजिंग LIFE
  2. Chitrakar Ki Kahani – Chitrakar Ki Story चित्रकार की कहानी सफ़लता मिली जिद्द से
  3. Imandar Lakadhara Story in hindi – ईमानदार लकड़हारे की कहानी
  4. Teacher Student Moral story टीचर और स्टूडेंट की एक प्रेरणादायक कहानी
  5. माँ का प्यार बेटी के लिए Maa Aur Beti Ki Kahani

दोस्तों आपको एक फलवाले का विश्वास और माँ की सेवा के प्रति सच्चा – maa ki mamta ki kahani ये पोस्ट कैसी लगी। नीचे Comment box में Comment करके अपने विचार हमसे अवश्य साझा करें। और आपका 1 कमेंट हमें लिखने को  प्रोत्साहित करता और हमारा जोश बढ़ाता है हमें बहुत ख़ुशी होगी।

इस Post को अपने दोस्तों के साथ Share ज़रूर करें। जैसे की Facebook, Twitter, linkedin और Pinterest इत्यादि। अगर आपके पास कोई लेख है तो आप हमें Send कर सकते है।

हमारी Email id: radarhindi.net@gmail.com है। Right Side में जो Bell Show हो रही है। उसे Subscribe कर लें। ताकि आपको समय-समय पर Update मिलता रहे।

Thanks For Reading

Leave a Comment